[Hindi] अन-ध्यान मत कीजिए: आपका मोबाइल आपके मन को भटका सकता है. cover art

[Hindi] अन-ध्यान मत कीजिए: आपका मोबाइल आपके मन को भटका सकता है.

[Hindi] अन-ध्यान मत कीजिए: आपका मोबाइल आपके मन को भटका सकता है.

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[Preview books] [Borrow books] [Pause] संभव है कि आपने जीवन में कभी न कभी ध्यान करनेकी कोशिश की हो। अधिकांश लोग तनाव कम करनेकेलिए ध्यान करते हैं। वे इसे मनको शांत करनेका एक तरीका मानते हैं, या अपने स्वास्थ्यको सुधारनेके मार्गके रूपमें उपयोग करते हैं।लेकिन आज मैं "अन-ध्यान" के बारेमें बात करनेवाला हूँ। आप सोच रहे होंगे कि इसका अर्थ क्या है। भले ही आप इसे तुरंत पहचान न पाएँ, मुझे पूरा विश्वास है कि आप इसे अपनी कल्पनासे कहीं अधिक कर रहे हैं। और मैं यही समझानेवाला हूँ। आइए हम एक सामान्य समस्या से शुरुआत करें, जिसका सामना हम सभी करते हैं — तनाव।अलग-अलग लोगोंके तनावमें आनेके कारण अलग हो सकते हैं। लेकिन अधिकांश परिस्थितियोंमें इसके पीछे काम करनेवाली जैविक प्रक्रिया लगभग समान होती है। आगे बढ़नेसे पहले, आइए तनावके पीछे काम करनेवाले इस मूल तंत्रको थोड़ा समझ लें।तनाव केवल मनुष्योंमें ही नहीं होता। पशु भी इसका अनुभव करते हैं।जब कोई पशु अपनी ओर तेजीसे आते हुए किसी शिकारीको देखता है, तब उसकी आँखें चित्रोंकी एक श्रृंखला मस्तिष्कको भेजती हैं। ये चित्र यह जानकारी देते हैं कि खतरा कितना निकट है, कितनी तेजीसे आ रहा है, और किस दिशासे आ रहा है।आँखें इन चित्रोंको एकके बाद एक मस्तिष्कतक पहुँचाती हैं, बिल्कुल पुराने चलचित्रकी फ्रेमोंकी तरह। मस्तिष्कको इनका तेजीसे विश्लेषण करना पड़ता है और खतरेकी मात्रा का अनुमान लगाना पड़ता है।इनमेंसे प्रत्येक चित्र मस्तिष्कमें तंत्रिकाकोशिकाओंकी गतिविधिके रूपमें संकेतित होता है। और ऐसे चित्रोंकी एक निरंतर श्रृंखला आती रहती है। जैसे-जैसे शिकारी निकट आता है, ये चित्र बदलते रहते हैं। स्वाभाविक रूपसे परिस्थितिके अनुसार मस्तिष्ककी प्रतिक्रिया भी बदलती रहती है।पशुको या तो लड़ना पड़ता है या वहाँसे भागना पड़ता है। इसे "फाइट ऑर फ्लाइट" प्रतिक्रिया कहा जाता है। इन दोनोंमेंसे कुछ भी करनेकेलिए शरीरके हाथ-पैरोंमें अधिक शक्तिकी आवश्यकता होती है। इस आवश्यकताकी पूर्ति उन भागोंमें अधिक रक्तप्रवाहके द्वारा की जाती है।मांसपेशियोंतक अधिक रक्त पहुँचानेकेलिए हृदयकी धड़कन बढ़ जाती है। उसीके अनुसार श्वासकी गति भी बढ़ती है। यह सब एड्रेनालिन और कॉर्टिसोल जैसे हार्मोनोंके स्वचालित स्रावके ...
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