Om Shantih – Hindi Satsang kapak görseli

Om Shantih – Hindi Satsang

Om Shantih – Hindi Satsang

Yazan: Om Shantih
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Özet

रोज़ की उलझनों का जवाब, शास्त्रों से। हर सत्संग में एक कथा, गीता, भागवत, रामायण और पुराणों के श्लोक, और जीवन में उतारने लायक़ तीन बातें — अकेलापन, ग़ुस्सा, डर, पैसा, घर-परिवार, शोक और भक्ति पर। सरल हिंदी में, दस-बारह मिनट।

https://occultguide.com/satsang

The voices in this podcast are AI-generated. The scripts are our own, drawn from the Hindu scriptures.

Hinduism Spirituality
  • फेंकी हुई माला | The garland that was thrown away
    6 Nov 2026

    पूरा सत्संग, श्लोक और अर्थ के साथ: https://occultguide.com/satsang/phenki-hui-mala

    प्रसाद को सिर पर रखिए। इन्द्र ने एक माला को हल्के में लिया। जो कुछ मिला है — नौकरी, सेहत, परिवार, बड़ों का आशीर्वाद — उसे "एक माला ही तो है" मत समझिए। रोज़ एक बार झुककर कहिए, "बड़ी कृपा।"

    सब खो जाए, तो पहले शरण, फिर मंथन। देवता पहले भगवान के पास गए, फिर समुद्र मथा। आप भी पहले प्रार्थना कीजिए। फिर मेहनत से मत भागिए। लक्ष्मी लौटती हैं, पर मंथन के बाद।

    लक्ष्मी को नहीं, लक्ष्मी-पति को पकड़िए। लक्ष्मी अकेले नहीं रहतीं। वो हमेशा विष्णु के वक्ष पर रहती हैं। जिस घर में नारायण का नाम है, वहाँ से वो कभी नहीं जातीं। और सत्त्व रखिए। ईमानदारी, शांति, अच्छाई। "यतः सत्त्वं ततो लक्ष्मीः।"

    वीडियो: https://youtu.be/XSpbv87CimY

    The voices in this podcast are AI-generated. The scripts are our own, drawn from the Hindu scriptures.

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    13 dk.
  • नल-दमयन्ती | Nala and Damayanti
    5 Nov 2026

    पूरा सत्संग, श्लोक और अर्थ के साथ: https://occultguide.com/satsang/nal-damayanti

    बिछड़ना अंत नहीं है। नल और दमयन्ती चौथे साल में फिर मिले। बीच के साल लंबे थे, पर मिलन हुआ।

    जो डंक आज दुख रहा है, वो शायद कल की रक्षा है। कर्कोटक को याद रखिए।

    जब सब लौट आए, तो क्षमा कीजिए। नल ने पुष्कर से कहा — "वो तुमने नहीं, कलि ने किया था।" घर में भी, जो चोट दी गई, वो कई बार इंसान ने नहीं, उसके अंदर बैठे "कलि" ने दी थी।

    वीडियो: https://youtu.be/y1iOO4OiuTY

    The voices in this podcast are AI-generated. The scripts are our own, drawn from the Hindu scriptures.

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    12 dk.
  • बरगद के पत्ते पर बालक | The child on the banyan leaf
    4 Nov 2026

    पूरा सत्संग, श्लोक और अर्थ के साथ: https://occultguide.com/satsang/bargad-ke-patte-par-balak

    तैरते-तैरते थक जाना कमज़ोरी नहीं। मार्कण्डेय भी थके थे। और भगवान का पहला वाक्य था — "मैं जानता हूँ, तुम थक गए हो।" वो आपकी थकान जानते हैं।

    जो डूबता दिखता है, वो नष्ट नहीं हुआ। आपका पुराना घर, आपके बिछड़े लोग, आपकी टूटी उम्मीदें… सब उसी बालक के भीतर सुरक्षित हैं। "ततस्ते दर्शितं जगत्।"

    अंत में मार्कण्डेय ने क्या किया? "तमेव शरणं गतः।" उसी की शरण। आप भी, जब सारे हाथ-पैर थक जाएँ, तो बस इतना कहिए — "मैं तुम्हारी शरण में हूँ।"

    वीडियो: https://youtu.be/BQb9CwcQtCI

    The voices in this podcast are AI-generated. The scripts are our own, drawn from the Hindu scriptures.

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    12 dk.
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